मिलते है दुनिया में कम ही इंसान है , क्यूँकि जिंदा मुर्दो का यह जहान हैं । किसी को किसी से कुछ सरोकार नहीं , मतलब के बिना कोई दरकार नहीं । रिश्तों का पतन है ,भावनाएं खत्म है । कहने को बगान है पर, " जिंदा मुर्दो का यह जहान है । " झूठीं होती यहाँ सलाम है , पैसे की भूख के गुलाम है …
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